Yogasana

कमजोर याददाश्त से छुटकारा चाहिए तो करे भद्रासन

 आप चाहकर भी आप बातों को याद नहीं रख पाते। यदि आपके साथ भी यह समस्या है तो रोजाना कुछ समय अपनी भागदौड़ भरी दिनचर्या में से थोड़ा वक्त निकालकर भद्रासन करें। कमजोर याददाश्त की समस्या धीरे-धीरे खत्म हो जाएगी।

भद्रासन

तन और मन को शांत करता है शशांकासन

तन और मन को शांत करता है शशांकासन

तनाव है, उदर विकार है, मांसपेशियों में दिक्कत है, अत्यधिक क्रोध आता है, वगैरह-वगैरह। अगर आपको इस तरह की कोई भी दिक्कत है तो जाहिर है आप डॉक्‍टर का दरवाजा खटखटाएंगे। लेकिन अगर आप शशांकासन का हाथ थाम लें तो चिकित्सकों के द्वार पर भटकना नहीं पड़ेगा। जी, हां! शशांकासन कई मर्ज की अकेली दवा है। शशांक का शाब्दिक अर्थ खरगोश होता है। चूंकि इस आसन को करते हुए हम खरगोश की तरह हो जाते हैं इसलिए इसे शशांकासन कहा जाता है। इस आसन के असंख्य लाभ हैं। लेकिन इस आसन को करते हुए हमें अपनी सांस की गति का खास ख्याल रखना चाहिए नहीं तो अच्छे परिणाम की बजाय बुरे परिणाम सामने आ सकते हैं।

ये 10 योगासन करने से दूर होती है थायरायड की बीमारी

ये 10 योगासन करने से दूर होती है थायरायड की बीमारी

थायरॉइड मानव शरीर का एक प्रमुख एंडोक्राइन ग्लैंड यानी अंत:स्रावी ग्रंथि है। यह गर्दन के निचले हिस्से में होती है। छोटी-सी यह ग्रंथि शरीर में हार्मोन का निर्माण करती है और मेटाबॉलिज्म को नियंत्रित रखती है। थायरॉइड ग्रंथि के सही तरीके से काम करने से आशय है कि शरीर  का मेटाबॉलिज्म यानी भोजन को ऊर्जा में बदलने की प्रक्रिया भी सुचारू रूप से काम कर रही है। पर जैसे ही यह ग्रंथि घटनी और बढ़नी शुरू होती है तो मानव जीवन के लिए परेशानियां शुरू हो जाती हैं। इस ग्रंथि का असर हृदय, मांसपेशियों, हड्डियों और कोलेस्ट्रॉल के स्तर पर भी पड़ता है।

स्किन को जवान बनाए रखना हो तो रोज करें सिंहासन

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वर्तमान समय में अधिकांश लोगों की दिनचर्या और खानपान दोनों ही अनियमित है। यही कारण है कि कुछ लोगों के चेहरे पर कम उम्र में ही झुर्रिया दिखाई देने लगती हैं। ऐसे में जो लोग इस समस्या से परेशान रहते हैं, वे एंटीएजिंग क्रीम का इस्तेमाल करते हैं। यदि आप भी इस समस्या से परेशान हैं और एंटी एजिंग क्रीम कोई असर नहीं दिखा रहे तो रोज सिंहासन करें।

 

अर्धसेतुबन्धासन से दूर होती हैं स्लिप डिस्क और कमर दर्द की समस्याएं

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आसन परिचय : सेतु का अर्थ होता है पूल। सेतुबन्धासन से पहले करते हैं। इसमें व्यक्ति की आकृति एक सेतु के समान हो जाती है इसीलिए इसके नाम में सेतु जुड़ा हुआ है। 

सिर्फ छह योगासन करें और दें अपनी बॉडी को खूबसूरत शेप

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सूर्य नमस्कार
यह एक बुनियादी, सबसे ज्यादा जाना-जाने वाला और व्यापक रूप से अभ्यास किया जाने वाला आसन है। सूर्य नमस्कार का अर्थ है-'सूरज का अभिवादन' या 'वंदन करना'। इसमें 12 योग मुद्राओं का मिश्रण होता है, जो कि शरीर के विभिन्न भागों को केंद्रित करता है। इसकी यही खासियत इसे पूरे शरीर के लिए फायदेमंद बनाती है। उदाहरण के लिए प्रार्थना की मूल मुद्रा, आगे की ओर मुड़ना और फिर भुजांगासन।

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