भूचरी आसन दिमाग तेज रखने और याददाश्त बढ़ाने के ल‌िए

आसन

काम में ध्यान न लगे या फिर पढ़ी हुई चीजें न याद रहें, याददाश्त और दिमाग से जुड़ी छोटी-छोटी समस्याओं का पुख्ता उपचार योग में मौजूद है।

ऐसे में योग की भूचरी मुद्रा का नियमित अभ्यास न सिर्फ याददाश्त बढ़ाने में मदद करता है बल्कि यह मानसिक शांति देता है और फोकस बढ़ाता है। साथ ही, इसके नियमित अभ्यास से बहुत अधिक गुस्से पर काबू पाया जा सकता है।

जानिए, इस मुद्रा की सही विधि और आप खुद आजमाकर देखिए।

– इसे करने के लिए सुखासन में यानी पालथी मारकर सीधे बैठें और कमर सीधी रखें।

– अब हथे‌लियों को ऊपर की ओर करके अपनी जांघों या घुटनों पर रखें। आराम महसूस करें।

पतंजलि योग स्कूल ने गणतंत्र दिवस पर देशवासियो को बधाई दी

पतंजलि योग स्कूल ने आज णतंत्र दिवस के पावन अवसर पर देशवासियो  को बधाई दी हैं 

लाभदायक है त्रिकोणासन

लाभदायक है त्रिकोणासन

शरीर का बाह्य रूप से ही नहीं भीतरी रूप से भी ठोस होना मौजूदा जीवनशैली की जरूरत है। ऐसे में सिर्फ खानपान पर आश्रित रहना सही नहीं है। जरूरत इससे कुछ ज्यादा की है। त्रिकोणासन इसमें हमारी मदद कर सकता है। सामान्यतः त्रिकोणासन चैड़े सीने की चाह रखने वालों के लिए लाभकर है। लेकिन त्रिकोणासन के तिगुने लाभ हैं। यह शारीरिक रूप से फिट रहने की चाह रखने वालों को अवश्य करना चाहिए। पेट, कूल्हे और कमर के बेहतरीन शेप के लिए तो त्रिकोणासन से बेहतर और कुछ है ही नहीं। यह आसन सिर्फ कुछ शारीरिक अंगों पर ही कारगर नहीं है वरन हमारी मांसपेशियों के लिए भी त्रिकोणासन सहायक है। कहने का मतलब यह है त्रिकोणासन हमारे संपूर

योगाभ्यास के सामान्य लाभ – Benefits of Yoga

योगाभ्यास के सामान्य लाभ – Benefits of Yoga
  • योगाभ्यास करने से शरीर की सभी मांसपेषियों एवं जोड़ो का उत्तम व्यायाम होता है, जिससे शरीर में लचीलापन बना रहता है।
  • योगाभ्यास से एकाग्रता बढ़ती है जो विद्यार्थियों के अध्ययन के लिए आवष्यक है।
  • शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता का विकास होता है।
  • फेफड़े मजबूत तथा अधिक क्रियाषील होते है।
  • पाचनतंत्र सही तथा सुचारू रूप से कार्य करता है।
  • अन्तःस्रावी ग्रन्थियां क्रियाषील रहती है जो स्वस्थ रहने के लिए आवष्यक है।
  • शारीरिक थकावट तथा मानसिक तनाव दूर होता है।
  • जीवन के प्रति दृष्टिकोण व्यापक बनता है तथा कार्यषैली प्रभावी बनती है।

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