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दिल के दौरे के लिये योगासन

दिल के दौरे के लिये योगासन

 देश में दिल के दौरे की समस्या दिन प्रतिदिन बढ़ती जा रही है। हर साल करीब 25 लाख लोग दिल के दौरे के कारण असामयिक मौत के मुंह में चले जाते हैं। हृदय रोगों की संख्याल के बढ़ने कीसबसे बड़ी वजह है लोगों का अपनी सेहत को हल्के में लेना। आजकल की भागदौड़ भरी जिंदगी में लोग अपने काम को ज्यादा प्रथामिकता देते हैं। लेकिन जरा सोचिए अगर आप स्वस्थ नहीं रहेंगे तो काम कैसे कर पाएंगे। ऐसे में अगर आप थोड़ा सा समय योग के लिए निकालें तो आप अपने दिल को चुस्त दुरुस्त रख पाएंगे। आईए जानें हृदय रोग में कौन से कौन योग करना चाहिए। 
ताड़ासन 

नाक की अलर्जी में रामबाण है कपालभाति

नाक की अलर्जी में रामबाण है कपालभाति

दो महीने तक लगातार कपालभाति का अभ्यास करना है, आपका साइनस पूरी तरह से खत्म हो जाएगा। अगर आप इसे सही तरीके से करते हैं, तो कपालभाति से सर्दी-जुकाम से संबंधित हर रोग में आराम मिलेगा।

जिन लोगों को अलर्जी की समस्या है, उन्हें लगातार कपालभाति का अभ्यास करना चाहिए और इसकी अवधि को जितना हो सके, उतना बढ़ाना चाहिए। तीन से चार महीने का अभ्यास आपको अलर्जी से मुक्ति दिला सकता है।

10 योगासन जो मधुमेहपर लगाम लगाएं

10 योगासन जो मधुमेहपर लगाम लगाएं

योग से डायबिटीज पर काबू पाएं

नियमित योग एक तरफ जहां आपको स्वस्थ रखता है वहीं दूसरी तरफ गंभीर बीमारियों से भी निजात दिलाता है। अगर मधुमेह में नियमित कुछ खास तरह के योग किए जाएं तो मधुमेह को कंट्रोल कर सकते हैं। आइए जानें कुछ खास योगासनों के बारे में जो डायबिटीज को कम करने में मददगार हो सकते हैं।

1-प्राणायाम

योगासन से दूर होती हैं बीमारियाँ

योगासन से दूर होती हैं बीमारियाँ

जमीन पर पद्मासन लगाकर बैठ जाइए। लेफ्ट पैर को उठाइए और राईट जंघा पर लगाइए ताकि लेफ्ट पैर की ऐड़ी नाभि के नीचे आ जाए। फिर राईट पैर को उठाइए और लेफ्ट जंघा पर रखिए ताकि दोनों ऐड़ियां नाभि से नीचे एक दूसरे को मिलें। दोनों हाथों को पीठ के पीछे ले जा कर राईट हाथ से लेफ्ट पैर को और लेफ्ट हाथ से राईट पैर को पकड़िए। पेट को अंदर की ओर चिपकाते हुए कमर के ऊपरी भाग को आगे झुकाइए और जमीन पर लगाइए।

लाभ:

योगासन एवं आसन के मुख्य प्रकार

योगासन एवं आसन के मुख्य प्रकार

चित्त को स्थिर रखने वाले तथा सुख देने वाले बैठने के प्रकार को कहते हैं। आसन अनेक प्रकार के माने गए हैं। योग में यम और नियम के बाद आसन का तीसरा स्थान है

बकासन से चेहरा बने स्वस्थ और सुंदर

बकासन से चेहरा बने स्वस्थ और सुंदर

बक अर्थात बगुला। इस आसन को करते वक्त बगुले जैसी स्थिति हो जाती है इसी कारण इसे बकासन कहते है

 

बकासन योग विधि : शुरुआत में इस आसन को करते समय दोनों हाथों की हथेलियों को भूमि पर कुछ इस तरह स्थिर करें कि आपकी अंगुलियां पीछे की ओर तथा अंगुठें आगे की ओर हो। इसके बाद घुटनों को कोहनियां से ऊपर भुजाओं पर स्थिर कर दें।

श्वास अंदर भरके धीरे से आगे की झुकते हुए शरीर के भार को हथेलियों पर संभालते हुए पैरों को भूमि से ऊपर उठाएं। अभ्यास से ही इस स्थिति में हुआ जा सकता है।

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