Diseases and Treatment

भूचरी आसन दिमाग तेज रखने और याददाश्त बढ़ाने के ल‌िए

आसन

काम में ध्यान न लगे या फिर पढ़ी हुई चीजें न याद रहें, याददाश्त और दिमाग से जुड़ी छोटी-छोटी समस्याओं का पुख्ता उपचार योग में मौजूद है।

ऐसे में योग की भूचरी मुद्रा का नियमित अभ्यास न सिर्फ याददाश्त बढ़ाने में मदद करता है बल्कि यह मानसिक शांति देता है और फोकस बढ़ाता है। साथ ही, इसके नियमित अभ्यास से बहुत अधिक गुस्से पर काबू पाया जा सकता है।

जानिए, इस मुद्रा की सही विधि और आप खुद आजमाकर देखिए।

– इसे करने के लिए सुखासन में यानी पालथी मारकर सीधे बैठें और कमर सीधी रखें।

– अब हथे‌लियों को ऊपर की ओर करके अपनी जांघों या घुटनों पर रखें। आराम महसूस करें।

लाभदायक है त्रिकोणासन

लाभदायक है त्रिकोणासन

शरीर का बाह्य रूप से ही नहीं भीतरी रूप से भी ठोस होना मौजूदा जीवनशैली की जरूरत है। ऐसे में सिर्फ खानपान पर आश्रित रहना सही नहीं है। जरूरत इससे कुछ ज्यादा की है। त्रिकोणासन इसमें हमारी मदद कर सकता है। सामान्यतः त्रिकोणासन चैड़े सीने की चाह रखने वालों के लिए लाभकर है। लेकिन त्रिकोणासन के तिगुने लाभ हैं। यह शारीरिक रूप से फिट रहने की चाह रखने वालों को अवश्य करना चाहिए। पेट, कूल्हे और कमर के बेहतरीन शेप के लिए तो त्रिकोणासन से बेहतर और कुछ है ही नहीं। यह आसन सिर्फ कुछ शारीरिक अंगों पर ही कारगर नहीं है वरन हमारी मांसपेशियों के लिए भी त्रिकोणासन सहायक है। कहने का मतलब यह है त्रिकोणासन हमारे संपूर

वरुण और वायु मुद्रा

वरुण और वायु मुद्रा

हमारा शरीर पाँच तत्वों से मिलकर बना है। शरीर में जल और वायु तत्व का संतुलन बिगड़ने से वात और कफ संबंधी रोग होते हैं। इन रोगों की रोकथाम के लिए ही में कई मुद्राओं के महत्व को बताया गया है। यहाँ प्रस्तुत है वरुण और वायु मुद्रा का संक्षिप्त परिचय।

पाचनतंत्र को मजबूत बनाने वाले योगासन

पाचनतंत्र को मजबूत बनाने वाले योगासन

यदि पाचनतंत्र मजबूत हो तो शरीर स्वस्थ और मजबूत बना रहता है। पाचनतंत्र को मजबूत बनाने के कुछ योगासन हैं जिन्हें प्रतिदिन करने से पाचनतंत्र दुरुस्त बनता है और शरीर भी स्वस्थ और मजबूत होता है।

पाचनतंत्र के लिए योग

 

कब्ज़ से मुक्ति पाने के लिये करें योगआसन

यदि मल सख्त हो और रोज न आये तो उसे कब्ज़ कहेंगे। बहुत अधिक समय से इस समस्या के होने के कारण इसको पुराना कब्ज़ कहते हैं। इसमें मल बहुत सख्त हो जाता है तथा मल को बाहर करने के लिये जोर लगाना पड़ता है। मल को नर्म करने के लिये आवश्यक है कि उस में पानी की मात्रा अधिक हो।  विभिन्न प्रकार के आसनों को नियमित रूप से करने पर हर प्रकार के कब्ज़ से राहत मिलती है। 

कब्ज़ दूर करने के लिये योगआसन (Yogasan for Constipation)

कपालभाति (Kapalbhati): 

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