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योग भारतीय धरोहर एक इतिहास एवं भविष्य

योग भारतीय धरोहर एक  इतिहास एवं भविष्य

संसार की प्रथम पुस्तक ऋग्वेद में कई स्थानों पर यौगिक क्रियाओं के विषय में उल्लेख मिलता है- 'यस्मादृते न सिध्यति यज्ञो विपश्चितश्चन। स धीनां योगमिन्वति।।-ऋक्संहिता, मंडल-1, सूक्त-18, मंत्र-7।अर्थात- योग के बिना विद्वान का भी कोई यज्ञकर्म सिद्ध नहीं होता। वह योग क्या है? योग चित्तवृत्तियों का निरोध है, वह कर्तव्य कर्ममात्र में व्याप्त है।

अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस, योग, शरीर और मन को संतुलित करने का माध्यम है

अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस, योग, शरीर और मन को संतुलित करने का माध्यम है

भारत के विभिन्न हिस्सों में अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस पर कार्यक्रम आयोजित किये गए जबकि भारतीय विदेश मंत्री सुषमा स्वराज ने न्यूयार्क में संयुक्त राष्ट्र में योग दिवस समारोह में हिस्सा लिया। विदेशों में भारतीय मिशन ने इस संबंध में विशेष कार्यक्रम आयोजित किये।

प्रथम अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस पर देश़ विदेश के लोगों को शुभकामनाएं देते हुए भारतीय प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने कहा कि योग, शरीर और मन को संतुलित करने का माध्यम और मानवता, प्रेम, शांति, एकता, सदभाव के भाव को जीवन में उतारने का कार्यक्रम है।

योग से जुड़े वर्ल्‍ड रिकॉर्ड्स की पूरी कहानी...

योग से जुड़े वर्ल्‍ड रिकॉर्ड्स की पूरी कहानी...

अंतरराष्‍ट्रीय योग दिवस के मौके पर भारत समेत दुनिया भर के 177 देशों में लोगों ने रविवार को योग अभ्‍यास किया। अकेले राजपथ पर ही करीब 35 हजार लोगों (नेता, ब्‍यूरोक्रेट्स, सैनिकों और स्‍कूली छात्रों) ने योग किया।  'एक ही स्थल पर सबसे बड़े योग प्रदर्शन' के लिए भारत सरकार इसे गिनीज वर्ल्ड रिकार्ड्स में दर्ज कराना चाहती है। हालांकि इससे पहले साल दुनिया भर में योग से जुड़े कई रिकॉर्ड बन चुके हैं। आइये आपको बताते हैं योग से जुड़े कुछ वर्ल्‍ड रिकॉर्ड्स की कहानी...

योग से समृद्ध होता जीवन

योग से समृद्ध होता जीवन

योग का ही परिणाम है पूरी सृष्टि। गणित के योग की तरह ही यह हमारे गुणों की अभिवृद्धि करता है। हमारे भीतर की चेतना को जगाकर हमें संस्कारवान और हृष्ट-पुष्ट बनाता है। योग के महत्व पर डॉ. प्रणव पण्ड्या का आलेख... बाहरी धन-संपदा से ज्यादा महत्वपूर्ण है भीतर कीसंपदा। अंतस के धनी बनकर ही हम सही मायने में

सफल कहलाएंगे...

 

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योग क्या है योगासनों के गुण एवं योगाभ्यास के लिए आवश्यक बातें

योग क्या है योगासनों के गुण एवं योगाभ्यास के लिए आवश्यक बातें

चित्तवृत्तियों का निरोध ही योग है।
(मृत्यु) दु:ख से छूटने और (अमृत) आनन्द प्राप्त करने का साधन (योग) ईश्वर उपासना करना है।

योग शब्दों के बारे में भाष्यकारों के अपने-अपने मत हैं। कुछ भाष्यकारों ने योग शब्द को ‘वियोग’, ‘उद्योग’ और ‘संयोग’ के अर्थों में लिया है, तो कुछ लोगों का कहना है कि योग आत्मा और प्रकृति के वियोग का नाम है। कुछ कहते हैं कि यह एक विशेष उद्योग अथवा यत्न का नाम है, 

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