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चित्त की सभी वृत्तियों को रोकने का नाम योग है

चित्त की सभी वृत्तियों को रोकने का नाम योग है

योग अनेक प्रकार के होते हैं। राजयोग , कर्मयोग ,हठयोग , लययोग , सांख्ययोग , ब्रह्मयोग , ज्ञान योग ,भक्ति योग , ध्यान योग , क्रिया योग , विवेक योग ,विभूति योग व प्रकृति - पुरुष योग , मंत्र योग , पुरुषोत्तमयोग , मोक्ष योग , राजाधिराज योग आदि। मगरयाज्ञवल्क्य ने जीवात्मा और परमात्मा के मेल को ही योगकहा है। वास्तव में योग एक ही प्रकार का होता है , दो याअनेक प्रकार का नहीं। 

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गूढ़ यौगिक विधियों की सरलतम व्याख्या

गूढ़ यौगिक विधियों की सरलतम व्याख्या

योग अपने आप में एक अनोखा व शक्तिशाली विज्ञान है। यह आज के भौतिक विज्ञान से कई गुना अधिक प्रभावशाली तथा रहस्यमय है। आज के अणु- परमाणु की शक्तियों से कहीं ज्यादा शक्तियाँ इस विज्ञान में समायी हैं। आज से लाखों वर्षों पूर्व हमारे ऋषि- मनीषि इस विज्ञान से, उसकी सम्यक् प्रयोग विधियों से परिचित थे। आज धर्मशास्त्र का जो विशाल ढाँचा देखने को मिलता है, वह इसी विज्ञान की व्याख्या- विवेचन मात्र है। वेद, उपनिषद् आदि तमाम आर्ष साहित्य इसी विज्ञान के विकास- विस्तार हैं। इस विज्ञान को साधने, उसकी शक्तियों को हस्तगत करने के लिए कठिन साधनाएँ करनी पड़ती हैं। इसकी एक- एक शक्ति को प्राप्त करने लिए वर्षों ही नहीं

महर्षि पतं‍जलि के अष्टांग योग या राजयोग

 महर्षि पतं‍जलि के अष्टांग योग या राजयोग

महर्षि पतं‍जलि के योग को ही अष्टांग योग या राजयोग कहा जाता है। योग के उक्त आठ अंगों में ही सभी तरह के योग का समावेश हो जाता है। भगवान बुद्ध का आष्टांगिक मार्ग भी योग के उक्त आठ अंगों का ही हिस्सा है। हालांकि योग सूत्र के आष्टांग योग बुद्ध के बाद की रचना है।

भारतीय धरोहर योग का परिचय

 भारतीय धरोहर योग

योग की उत्पत्ति संस्कृत शब्द ‘युज’ से हुई है जिसका अर्थ जोड़ना है। योग शब्द के दो अर्थ हैं और दोनों ही महत्वपूर्ण हैं। पहला है- जोड़ और दूसरा है समाधि। जब तक हम स्वयं से नहीं जुड़ते, समाधि तक पहुंचना असंभव होगा। परमात्मा से मिलन है।

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योग का जीवन में महत्व

योग का  जीवन में महत्व

यह प्रमाणित तथ्य हैं की योग मुद्रा, ध्यान और योग में श्वसन की विशेष क्रियाओं द्वारा तनाव से राहत मिलती है, योग मन को विभिन्न विषयों से हटाकर स्थिरता प्रदान करता है और कार्य विशेष में मन को स्थिर करने में सहायक होता है.

हम मनुष्य किसी चीज़ की ओर तभी आकर्षित होते हैं जब उनसे हमें लाभ मिलता है. जिस तरह से योग के प्रति हमलोग आकर्षित हो रहे हैं वह इस बात का संकेत हैं कि योग के कई फायदे हैं. योग को न केवल हमारे शरीर को बल्कि मन और आत्मिक बल को सुदृढ़ और संतुष्टि प्रदान करता है. दैनिक जीवन में भी योग के कई फायदे हैं, आइये! इनसे परिचय करें.

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योग का महत्व

योग का महत्व

भारतीय धर्म और दर्शन में का अत्यधिक महत्व है। आध्या‍त्मिक उन्नत‍ि या शारीरिक और मानसिक स्वास्थ्य के लिए योग की आवश्यकता व महत्व को प्राय: सभी दर्शनों एवं भारतीय धार्मिक सम्प्रदायों ने एकमत व मुक्तकंठ से स्वीकार किया है।

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