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सभी जिलों में तैनात होंगे जिला योग प्रशिक्षक

सभी जिलों में तैनात होंगे जिला योग प्रशिक्षक

प्रदेश के हर जिले में एक 'जिला योग प्रशिक्षक' की तैनाती की जाएगी। इसके लिए योग प्रशिक्षक के सभी खाली पद भरे जाएंगे। जहां पद नहीं हैं, वहां नए सृजित किए जाएंगे। युवा कल्याण महानिदेशालय ने यह प्रस्ताव शासन को भेज दिया है। प्रदेश में योग को बढ़ावा देने के लिए प्रदेश सरकार कई स्तर से प्रयास कर रही है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने खेल एवं युवा कल्याण विभाग की समीक्षा के दौरान भी योग शिक्षा को बढ़ावा देने की बात कही थी। साथ ही इसके लिए जरूरी प्रस्ताव भेजने के निर्देश दिए थे। खेल एवं युवा कल्याण मंत्री चेतन चौहान भी लगातार युवा कल्याण विभाग को सक्रिय करने की बात कह रहे हैं। विभाग की बंद पड़ी कई ग

यौगिक ध्यान से लाभ

 यौगिक ध्यान से लाभ

महर्षि पतंजलि के योगसूत्र में ध्यान भी एक सोपान है।
चित्त को एकाग्र करके किसी एक वस्तु पर केन्द्रित कर देना ध्यान कहलाता है। प्राचीन काल में ऋषि मुनि भगवान का ध्यान करते थे। ध्यान की अवस्था में ध्यान करने वाला अपने आसपास के वातावरण को तथा स्वयं को भी भूल जाता है। ध्यान करने से आत्मिक तथा मानसिक शक्तियों का विकास होता है। जिस वस्तु को चित मे बांधा जाता है उस मे इस प्रकार से लगा दें कि बाह्य प्रभाव होने पर भी वह वहाँ से अन्यत्र न हट सके, उसे ध्यान कहते है।
ध्यान से लाभ
ऐसा पाया गया है कि ध्यान से बहुत से मेडिकल एवं मनोवैज्ञानिक लाभ होते हैं।

ध्यान और संगीत

ध्यान और संगीत

मेडिटेशन या ध्यान खुद को केंद्रित करने और दिनभर की थकान को दूर करने का बेहद सरल और कारगर उपाय है। इसमें म्यूजिक यानी संगीत का भी अहम रोल है। म्यूजिक, मेडिटेशन का अहम हिस्सा है जो आपके मन-मस्तिष्क को क्लियर करने और आपको उस पल में रखने में मदद करता है। जानें, आप किस तरह मेडिटेशन के दौरान म्यूजिक का सही इस्तेमाल कर सकते हैं-

1. सबसे पहले एक शांत जगह ढूंढें जहां बैठकर आप मेडिटेशन कर सकते हैं। ध्यान करते वक्त अपनी शारीरिक मुद्रा सही रखें, आंखें बंद करें और अपना कंधा और गर्दन को रिलैक्स रखें।

ध्यानयोग की विधियाँ

ध्यानयोग की विधियाँ

शिव ने कहा: होश को दोनों भौहों के मध्य में लाओ और मन को विचार के समक्ष आने दो। देह को पैर से सिर तक प्राण तत्व से भर जाने दो, ओर वहां वह प्रकाश की भांति बरस जाए।
“होश को दोनों भौंहों के मध्य में लाऔ।”……अपनी आंखें बंद कर लो, और अपनी आंखों को दोनों भौंहों के ठीक बीच में केंद्रित करो। आंखे बंद करके ठीक मध्य में होश को केंद्रित करो, जैसे कि तुम अपनी दोनों आँखो से देख रहे हो। उस पर पूरा ध्यान दो।

अपानवायु मुद्रा

मुद्राओं का जीवन में बहुत महत्व है। मुद्रा दो तरह की होती है पहली जिसे आसन के रूप में किया जाता है और दूसरी हस्त मुद्राएँ होती है। मुद्राओं से मानसिक और शारीरिक स्वास्थ प्राप्त किया जा सकता है। यहाँ प्रस्तुत है प्राण, अपान और अपानवायु मुद्रा की विधि और लाभ।

प्राण मुद्रा : छोटी अँगुली (चींटी या कनिष्ठा) और अनामिका (सूर्य अँगुली) दोनों को अँगूठे से स्पर्श करो। इस स्थिति में बाकी छूट गई अँगुलियों को सीधा रखने से अंग्रेजी का 'वी' बनता है।
 

 

योगाभ्यास के सामान्य लाभ – Benefits of Yoga

योगाभ्यास के सामान्य लाभ – Benefits of Yoga
  • योगाभ्यास करने से शरीर की सभी मांसपेषियों एवं जोड़ो का उत्तम व्यायाम होता है, जिससे शरीर में लचीलापन बना रहता है।
  • योगाभ्यास से एकाग्रता बढ़ती है जो विद्यार्थियों के अध्ययन के लिए आवष्यक है।
  • शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता का विकास होता है।
  • फेफड़े मजबूत तथा अधिक क्रियाषील होते है।
  • पाचनतंत्र सही तथा सुचारू रूप से कार्य करता है।
  • अन्तःस्रावी ग्रन्थियां क्रियाषील रहती है जो स्वस्थ रहने के लिए आवष्यक है।
  • शारीरिक थकावट तथा मानसिक तनाव दूर होता है।
  • जीवन के प्रति दृष्टिकोण व्यापक बनता है तथा कार्यषैली प्रभावी बनती है।

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